पूरा नाम – सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले
जन्म – 3 जनवरी 1831
जन्मस्थान – नायगांव, महाराष्ट
पिता – खंडोजी नावसे पाटिल
माता – लक्ष्मीबाई
विवाह – ज्योतिराव फुले
जन्म – 3 जनवरी 1831
जन्मस्थान – नायगांव, महाराष्ट
पिता – खंडोजी नावसे पाटिल
माता – लक्ष्मीबाई
विवाह – ज्योतिराव फुले
समाजसुधारक सावित्रीबाई फुल
उनकी एक बहुत ही प्रसिद्ध कविता है जिसमें वह सबको पढ़ने लिखने की प्रेरणा देकर जाति तोड़ने की बात करती है :-
जाओ जाकर पढ़ो-लिखो, बनो आत्मनिर्भर,
बनो मेहनती
काम करो-ज्ञान और धन इकट्ठा करो
ज्ञान के बिना सब खो जाता है, ज्ञान के बिना हम जानवर बन जाते है
इसलिए, खाली ना बैठो, जाओ, जाकर शिक्षा लो
तुम्हारे पास सीखने का सुनहरा मौका है,
इसलिए सीखो और जाति के बंधन तोड़ दो.
बनो मेहनती
काम करो-ज्ञान और धन इकट्ठा करो
ज्ञान के बिना सब खो जाता है, ज्ञान के बिना हम जानवर बन जाते है
इसलिए, खाली ना बैठो, जाओ, जाकर शिक्षा लो
तुम्हारे पास सीखने का सुनहरा मौका है,
इसलिए सीखो और जाति के बंधन तोड़ दो.

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